मितवा O Mitwa Sun Mitwa Lyrics Hindi – Lagaan | Amir Khan

mitwa sun mitwa lyrics
Image Credits : Youtube | Sony Music India
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O Mitwa Sun Mitwa Lyrics from Lagaan movie. Sung by Alka Yagnik, Udit Narayan, Sukhwinder Singh and Srinivas. Music is composed by A. R. Rahman. 

Song Credits:
Song Title/गाना: ओ मितवा सुन मितवा तुझको क्या डर है रे o mitwa sun mitwa tujhko kya darr hai re
Movie: लगान Lagaan (Year-2001)
Singer/गायक: Alka Yagnik, Udit Narayan, Sukhwinder Singh and Srinivas
Music Director/संगीतकार: A.R. Rahman
Lyrics Writer/गीतकार: Javed Akhtar
Star casts/अभिनीत किरदार: Amir Khan, Gracy Singh
Music Label: Sony Music India

O Mitwa Sun Mitwa Lrics in Hindi

हर सन्त कहे हर सा..धु कहे
सच और साहस है, जिस के मन में
अन्त में जीत उसी की रहै

आजा रे आजा रे, आजा रे आजा रे
भले कितने लम्बे हों रास्ते, हो
थके न तेरा ये तन, हो

आजा रे आजा रे
सुन ले पुकारे डगरिया
रहे न रास्ते तरसते, हो
तू आजा रे
इस धरती का है राजा तू
ये बात जान ले तू
कठिनाई से टकरा जा तू
नहीं हार मान ले तू

मितवा सुन मितवा, तुझ को क्या डर है रे
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है रे
ओ मितवा, सुन मितवा तुझ को क्या डर है रे
धरती अपनी है, अपना अम्बर है रे
तू आजा रे..

सुन लो रे मितवा..
जो है तुमरे मन में, वोही हमरे मन में
जो सपना है तुम्हरा, सपना वोही हमरा है
जीवन में

हाँ, चले हम लिये आसा के दिये नयनन में
दिये हमरी आसाओं के, कभी बुझ न पायें
कभी आँधियाँ जो आके इन को बुझायें

हो ओ
मितवा सुन मितवा, तुझ को क्या डर है रे
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है रे
ओ मितवा, सुन मितवा तुझ को क्या डर है रे
धरती अपनी है, अपना अम्बर है रे
तू आजा रे..

सुन लो रे मितवा
पुरवा भी गायेगी, मस्ती भी छायेगी
मिलके पुकारो तो, फूलों वाली
जो रुत है.. आयेगी

हाँ, सुख भरे दिन दुःख के बिन लायेगी
हम तुम सजायें आओ रंगों के मेले
रहते हो बोलो काहे, तुम यूँ अकेले
मितवा सुन मितवा, तुझ को क्या डर है रे

मितवा सुन मितवा, तुझ को क्या डर है रे
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है रे
ओ मितवा, सुन मितवा तुझ को क्या डर है रे
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है रे
तू आजा रे..

हर सन्त कहे साधु कहे
सच और साहस है जिस के मन में
अन्त में जीत उसी की रहै

हो ओ मितवा सुन मितवा, तुझ को क्या डर है रे
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है रे
(ओ मितवा, सुन मितवा तुझ को क्या डर है रे
ये धरती अपनी है, अपना अम्बर है रे)-3
तू आजा रे.. तू आजा रे.. तू आजा रे..

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