Ghanan Ghanan Ghanan Lyrics in Hindi – Lagaan | Amir Khan

Ghanan Ghanan Song Lyrics
Image Credits : Youtube | Sony Music India Vevo
Love To Share

Ghanan Ghanan Song Lyrics from Lagaan movie. Sung by Alka Yagnik, Udit Narayan, Shankar Mahadevan, Shaan and Sukhwinder Singh. Music is composed by A.R. Rahman. 

Song Credits:
Song Title/गाना: घनन घनन घिर घिर आयी बदरा ghanan ghanan ghir ghir aayi badra
Movie: लगान Lagaan (Year-2001)
Singer/गायक: Alka Yagnik, Udit Narayan, Shankar Mahadevan, Shaan, Sukhwinder Singh
Music Director/संगीतकार: A.R. Rahman
Lyrics Writer/गीतकार: Javed Akhtar
Star casts/अभिनीत किरदार: Amir Khan
Music Label: Sony Music India

Ghanan Ghanan Lyrics in Hindi

घनन घनन घनन घनन..
घनन घनन घनन घनन..

घनन घनन घिर घिर आयी बदरा
घन घन घोर कारी छाये बदरा
धमक धमक गूंजे बदरा के डंके
चमक चमक देखो बिजुरिया चमके
मन धड्काए बदरवा
मन धड्काए बदरवा
मन मन धड्काए बदरवा

काले मेघा, काले मेघा पानी तो बरसाओ
काले मेघा, काले मेघा पानी तो बरसाओ
बिजुरी की तलवार नहीं, बूंदों के बाण चलाओ

मेघा छाये, बरखा लाये
घिर घिर आये, घिरके आये.. ये..
कहे ये मन मचल मचल
ना यूँ चल संभल संभल
गए दिन बदल, तू घर से निकल
बरसने वाला है, अब अमृत जल

दुविधा के दिन बीत गए
भैया मल्हार सुनाओ

घनन घनन घिर घिर आये बदरा
घने घन घोर कारी छाये बदरा
धमक धमक गूंजे बदरा के डंके
चमक चमक देखो बिजुरिया चमके
मन धड्काए बदरवा
मन धड्काए बदरवा
मन मन धड्काए बदरवा

रस अगर बरसेगा
कौन फिर तरसेगा
कोयलिया गाएगी बैठी मुंडेरो पर
जो पंछी गायेंगे, नए दिन आयेंगे
उजाले मुस्कुरा देंगे अंधेरो पर

प्रेम की बरखा में भीगे भीगे तन मन
धरती पे देखेंगे पानी का दर्पण..

जईयो तुम जहाँ जहाँ
देखियो वहां वहां
यहीं एक समा
की धरती यहाँ
है पेहने सात रंगों की चुनरिया

घनन घनन घिर घिर आये बदरा
घने घन घोर कारी छाये बदरा
धमक धमक गूंजे बदरा के डंके
चमक चमक देखो बिजुरिया चमके
मन धड्काए बदरवा
मन धड्काए बदरवा
मन मन धड्काए बदरवा

पेड़ों पर झूले डालो, और ऊंची पेंग बढाओ
काले मेघा, काले मेघा पानी तो बरसाओ
काले मेघा, काले मेघा पानी तो बरसाओ
बिजुरी की तलवार नहीं बूंदों के बाण चलाओ

हे हे हे हे, हम्म हम्म हम्म हो ओ ओ..

आयी है रुत मतवाली, बिछाने हरियाली
ये अपने संग में लायी है सावन को
ये बिजुरी की पायल, ये बादल का आँचल
सजाने लायी है धरती की दुल्हन को

डाली डाली पहेनेगी फूलों के कंगन
सुख अब बरसेगा आँगन आँगन..

खिलेगी अब कलि कलि
हँसेंगी अब गली गली
हवा जो चली तो रुत लगी भली
जला दे जो तन मन वो धुप ढली..

घनन घनन घनन घनन घनन घनन
काले मेघा, काले मेघा पानी तो बरसाओ
पानी तो बरसाओ..
बिजुरी की तलवार नहीं बूंदों के बाण चलाओ
बूंदों के बाण चलाओ..

घनन घनन घिर घिर आये बदरा
घने घन घोर कारी छाये बदरा
धमक धमक गूंजे बदरा के डंके
चमक चमक देखो बिजुरिया चमके
घनन घनन घनन घनन घनन घनन घनन…

Advertisement

Love To Share